रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाली बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने 170 बसों के परमिट निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है। वहीं, 300 बस संचालकों को नियमों का पालन करने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया गया था। जांच में GPS और पैनिक बटन जैसी जरूरी सुरक्षा सुविधाओं में गंभीर खामियां सामने आई हैं।
तीन महीने तक चला जांच अभियान
परिवहन विभाग ने जुलाई से सितंबर तक प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, जगदलपुर, अंबिकापुर और नेशनल हाईवे-53 सहित कई क्षेत्रों में बसों की जांच की गई।जांच में 412 बसों में GPS डिवाइस नहीं मिले, जबकि 210 बसों में GPS उपकरण बंद पाए गए। इसके अलावा 85 बसों के पैनिक बटन भी खराब मिले। इन खामियों को यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया।
170 बस संचालकों पर हुई कार्रवाई
विभाग ने पहले चरण में 300 बस संचालकों को 15 दिन का अंतिम नोटिस जारी किया था। इसके बाद 140 संचालकों ने GPS लगवाकर पोर्टल पर पंजीयन करा लिया, जबकि 170 संचालकों ने निर्देशों का पालन नहीं किया।नियमों की अनदेखी करने पर इन 170 बसों के परमिट निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की गई।
सड़क पर चलती मिलीं तो होंगी जब्त
परिवहन विभाग के अनुसार, परमिट निरस्त की गई बसों का संचालन प्रतिबंधित है। यदि ये बसें सड़क पर चलती पाई जाती हैं, तो उन्हें जब्त करने के साथ जुर्माने की कार्रवाई भी की जा सकती है। उप परिवहन आयुक्त केके पटेल के अनुसार, नियमों के उल्लंघन पर 10 हजार रुपये तक के जुर्माने और छह महीने की सजा का प्रावधान भी है।
यात्रियों की सुरक्षा में GPS और पैनिक बटन की भूमिका
GPS डिवाइस की मदद से बस की लोकेशन, निर्धारित मार्ग और संचालन पर नजर रखी जा सकती है। वहीं, पैनिक बटन आपात स्थिति में यात्रियों के लिए मददगार साबित होता है। बटन दबाने पर 112 सहित संबंधित नियंत्रण कक्ष तक सूचना पहुंचाने की व्यवस्था है।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बसों में अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाना है।



